तोते से जुड़े 15 रोचक तथ्य | Parrot Facts in Hindi

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बचपन में सूनी कहानियों के माध्यम से सभी बच्चे तोते (Parrot) या पोपट को अच्छी तरह पहचानते है | सडक किनारे बैठे ज्योतिषियों का यह पसंदीदा पक्षी है | आइये आपको तोते (Parrot) से जुड़े रोचक तथ्य बताते है |

मोटी लाल चोंच और लम्बी नुकीले पूंछ वाले इस लम्बे हरे पक्षी का आकार लगभग 42 सेमी होता है |
नर के गले में काले और लाल-गुलाबी रंग की एक पट्टी होती है इस पट्टी के कारण इसका नाम ललकंठी तोता पड़ा |
हमारे देश में यह व्यापक रूप से हल्के वन प्रदेशो में पाया जाता है | घने जंगलो और रेगिस्तान में रहना इसे पसंद नही है |
तोते (Parrot) के बड़े बड़े झुण्ड मैना के साथ ऊँचे पेड़ो पर अड्डा जमाते है |
फल , सरस फल बेरी और अनाज इनका पसंदीदा भोजन है | चूँकि यह फल और अनाज ही खाता है इसलिए कुछ क्षेत्रो में यह गेंहू की फसल और फल के बागानों को काफी नुकसान पहुचाता है |
यह एक ऐसा पक्षी है जो जितना खाता है उससे कही ज्यादा बर्बाद करता है |
पिंजरे में पालने के लिए यह काफी लोकप्रिय पक्षी है |
अगर इस पक्षी को ठीक ढंग से रखा जाए तो यह 8 से 10 साल तक भी जीवित रह सकता है |
तोता फरवरी से अप्रैल के बीच घोंसला बनाते है | घोंसले के लिए जगह का चुनाव करते समय अक्सर प्रतिद्वंदी जोड़ो के साथ इनकी मुठभेड़ हो जाती है |
अपना घोंसला ये पेड़ के तने पर बने प्राकृतिक कोटरों या फिर खुद अपने द्वारा खोदे गये कोटरों में बनाते है | पुरानी इमारतो की दीवारों पर बने तंग गड्डों में भी ये अपना घोंसला बनाते है |
मादा एक बार में 4 से 6 जिम सफेद अंडे देती है | नर और मादा सभी घरेलू जिम्मेदारिया मिलकर पुरी करते है |
तोतो (Parrot) के नन्हे बच्चो को उठाकर पक्षी व्यापारी बाजार में बेच देते है | हजारो तोते तो दुर्व्यवहार और भूख के कारण मर जाते है लेकिन कृषि के विकास के कारण कुछ क्षेत्रो में इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है |
एलेक्सेंद्रियन तोता (Parrot) नामक एक ओर प्रजाति के पक्षी देखने में तोते के समान ही लेकिन आकार में उससे कुछ बड़े होते है | इस प्रजाति के तोते के कंधे पर स्पष्ट मैरून धब्बा भी दिखाई देता है |
भारत में तोते (Parrot) की 13 प्रजातिया पायी जाती है इनमे से कुछ जैसे अलेक्सेंद्रियन तोते बड़ी संख्या में पाए जाते है |
दुसरी प्रजातियाँ क्षेत्र विशेष में निवास करती है जैसे नीलपंख तोता सिर्फ पश्चिमी घाटो तक ही सिमित है |
पिंजड़े में पालने के लिए लोकप्रिय पक्षी होने के कारण इन्हें गैरकानूनी तरीके से पकड़ा और बेचा जाता है |
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