भारत में किन अधिकारियों को गाड़ी पर लाल, नीली और पीली बत्ती लगाने का अधिकार होता है

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आप सबने यह ध्यान दिया होगा की हर गाड़ी या वाहन में लाल, नीली या पीली बत्तीयां नही लगी होती है क्योंकि हर कोई इनकों नही लगा सकता हैं इसके लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली में तय किया गया है कि कौन-कौन लाल, नीली अथवा पीली बत्तीयां लगाकर चल सकता है

भारत में सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स 1989 के नियम 108 की धारा (III) के तहत स्पष्ट दिशा-निर्देश है, कि निम्न व्यक्ति ड्यूटी के दौरान इन बत्तियों को लगा सकते हैं प्रतियेक बत्ती का अपना एक महत्व होता है यह बत्तियां हमारे देश के विभिन्न नौकरशाहों और नेताओं के पदों के हिसाब से आवंटित की जाती हैं आइए देखते हैं कि केंद्रीय, राज्य और दोनों के स्थर पर किस प्रकार की बत्तियां दी जाती हैं

1.वाहन में लाल बत्ती फ्लैशर के साथ (चमकने वाली बत्ती के साथ )

राष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति
प्रधानमंत्री
पूर्व उपराष्ट्रपति
उपप्रधानमंत्री
भारत के चीफ जस्टिस
लोक सभास्पीकर
केंद्र सरकार के कैबिनेट मंत्री
योजना आयोग के उपाध्यक्ष
पूर्व प्रधानमंत्री
लोक सभा और राज्य सभा में प्रतिपक्ष के नेता
सुप्रीम कोर्ट के जज
राज्यों के गवर्नर और मुख्यमंत्री
दुसरे देशो के राजदूत और कॉमनवेल्थ देशों के हाई कमिश्नर

2.वाहन में लाल बत्ती बिना फ्लैशर के साथ (बिना चमकने वाली बत्ती के साथ )

मुख्य चुनाव आयुक्त
कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया
राज्यसभा के उपसभापति
लोकसभा के डिप्टी स्पीकर
केंद्र सरकार के राज्यमंत्री
योजना आयोग के सदस्य
अल्पसंख्यक
अनुसूचित जाति व जनजाति आयोग के अध्यक्ष
अटॉर्नी जनरल
कैबिनेट सचिव
तीनो सेनाओ के प्रमुख
सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव के अध्यक्ष
यूपीएससी के अध्यक्ष
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस
सोलिसिटर जनरल
राज्यों के उपमुख्यमंत्री, दुसरे देशों के दूत व मंत्रि

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राज्य स्थर पर पदाधिकारियों की सूची

इसके अलावा व्यक्तिगत राज्यों में मामूली बदलाव होते हैं अथवा राज्य सरकारों के निर्देश भी होते हैं। नीचे राज्य सरकार के पदाधिकारियों की सूची दी जा रही है जिन्हें इन बत्तियों का उपयोग करने की अनुमति है ज्यादातर राज्यों में यह तरीका समान है पर मामूली बदलाव केंद्र शासित प्रदेशों में देखे जा सकते हैं

3. वाहन में लाल बत्ती फ्लैशर के साथ(चमकने वाली बत्ती के साथ )

राज्यपाल
मुख्य मंत्री
उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश
विधान सभा के अध्यक्ष
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
राज्य कैबिनेट मंत्री
विधान सभा के अध्यक्ष
आयोग के अध्यक्ष
राज्य कैबिनेट मंत्रियों और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों में समान पद धारण करने वाले

4. वाहन में लाल बत्ती बिना फ्लैशर के साथ (बिना चमकने वाली बत्ती के साथ )

विधान सभा के उपसभापति
विपक्ष के नेता विधान सभा के नेता
एडवोकेट जनरल
राज्य के मुख्य सचिव
सलाहकार बोर्ड और मानव अधिकार
अल्पसंख्यक
लोक सेवा जैसे कमीशन के अध्यक्ष
राज्य चुनाव आयुक्त
सरकारी विश्वविद्यालय के कुलपति
पुलिस महानिदेशक
विधायक या एमएलसी (MLAs or MLCs)

5. पीली बत्ती

कमिश्नर इनकम टैक्स

रिवेन्यू कमिश्नर

पुलिस अधीक्षक आदि
केंद्रीय और राज्य स्थर पर पदाधिकारियों की सूची

6. वाहन में नीली बत्ती फ्लैशर के साथ(चमकने वाली बत्ती के साथ )

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सरकार के प्रमुख सचिव (Principal Secretary to Government)
उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल, पुलिस आयुक्त, जिला एवं सत्र न्यायाधीश (District & Session Judge)
संभागीय आयुक्त (Divisional Commissioner)
पुलिस महानिरीक्षक / पुलिस उपायुक्त आयुक्त (Inspector General of Police / Joint Commissioner of Police)
पुलिस उप-महानिरीक्षक / अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (Deputy Inspector General of Police / Additional Commissioner of Police)
अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (Additional District Judge)
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और अन्य न्यायिक अधिकारी (Chief Judicial Magistrate & Other Judicial officer)
जिला मजिस्ट्रेट / कलेक्टर (District Magistrate / Collector)
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक / पुलिस अधीक्षक / पुलिस उपायुक्त (Senior Superintendent of Police / Superintendent of Police / Deputy Commissioner of Police)
उप प्रभागीय न्यायाधीश (Sub Divisional Magistrate)
पुलिस अधीक्षक / सहायक आयुक्त पुलिस (Deputy Superintendent of Police / Assistant Commissioner of Police)

7. इन सबके अलावा एम्बुलेंस की छत पर रंगीन बत्तियाँ और सायरन लगा होता है जिसे आपातकालीन सेवा संकेत कहते हैं ताकि उसको रास्ता दिया जा सके इसी तरह से फायरब्रिगेड और पुलिस की गश्ती गाड़ियों में भी होती हैं इसका उद्देश्य है अचानक से लगी हुई आग को भुजाना अथवा ज़रूरी काम पर जा रहे लोगों को पहचानना और मदद करना है और तो और महत्वपूर्ण सरकारी अधिकारियों, फौजी और नागरिक पदाधिकारियों के लिए भी ज़रूरत के अनुसार ऐसी व्यवस्थाएं की जाती हैं।